ये हवाएँ....मन को चीरते हूए..... मेरी रूह को छेड़ रही है..... ये हवाएँ....मन को चीरते हूए..... मेरी रूह को छेड़ रही है.....
जो अक्सर गुजरती है मुझसे और धड़धड़ा कर चली जाती है। जो अक्सर गुजरती है मुझसे और धड़धड़ा कर चली जाती है।
हवाओं के नाम बस कोई पैगाम ही करना। हवाओं के नाम बस कोई पैगाम ही करना।
घिरे घटाएं चाहे घनघोर चलते चलें खुशियों की ओर। घिरे घटाएं चाहे घनघोर चलते चलें खुशियों की ओर।
तुम आ जाओ प्रिय जीवन मधुमास हो। तुम आ जाओ प्रिय जीवन मधुमास हो।
हमारे दस्तखत जग के, फ़लक पर पुरअसर होंगे। हमारे दस्तखत जग के, फ़लक पर पुरअसर होंगे।